Monday, April 1, 2019

मस्जिद ए नबवी में नमाज़ का सवाब

हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने इर्शाद फरमाया -"मेरी इस मस्जिद में नमाज़ पढ़ने का सवाब मस्जिदे हरम के सिवा हर मस्जिद से 1000 गुना अफ़ज़ल है"
(सही बुखारी)

Friday, March 29, 2019

अफ़ज़ल मुसलमान


हज़रत मूसा असअरी रिवायत करते है कि सहाबा में से किसी ने पूछा -"या रसुल्लाह सल्लहो तआला अलैही व सल्लम कौन सा मुसलमान अफ़ज़ल है
आप सल्लहो तआला अलैही व सल्लम ने फरमाया-"जिस के हाथ और जबान से मुसलमान महफूज़ रहे"

Tuesday, March 26, 2019

नमाज़ बड़ा दी गई

हज़रत अम्मा आइशा रजिअल्लाहो  तआला अन्हा  रिवायत करती है कि "अल्लाह ने जब नमाज़ फ़र्ज़ की तो हज़र(मुक़ीम) ओर सफर में दो दो रकाअत फ़र्ज़ की ,फिर सफर की नमाज़ दो दो रकअत अपनी जगह रही हज़र कि नमाज़ बड़ा दी गई"
सही बुखारी:किताबुसलाह

Monday, March 25, 2019

नबी (अलैहिस्लाम)का ग़ुस्ल

हज़रत अम्मा आइशा रजिल्लाहो तआला अन्हो रिवायत करती है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम "जब ग़ुस्ल करने लगते तो सब से पहले अपने हाथ धोते,फिर नमाज़ की तरह वजु करते,फिर अपनी उंगलिया पानी मे डाल कर बालो का ख़िलाल करते,फिर तीन चुल्लू पानी ले कर अपने सर पर डालते,फिर सारे बदन पर पानी बहाते
(सही बुखारी:बाबे ग़ुस्ल)

तीन खूबसूरत बाते

हज़रत अबु हुरैरा रजीअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने  फरमाया
1)तुम में से कोई वजु करे तो नाक साफ करे,
2)तहारत के लिए ठेले ले तो ताक अदद (विषम संख्या जैसे 1,3,5.....)में ले,
3)सो कर उठने के बाद किसी बर्तन में हाथ डालने से पहले धो ले ,क्योंकि उसे नही मालूम कि हाथ ने रात कहा गुजारी है
(सही बुखारी:बाबे वजु)

Sunday, March 24, 2019

चमकते चेहरे

हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन की पेशानिया ओर हाथ पांव वजु की वजह से चमक रहे होंगे ,लिहाजा जिसे अपनी चमक बढ़ाना हो बड़ा ले"
(सही बुखारी)

Saturday, March 23, 2019

फारूक ए आजम की दुआ

हज़रत उमर फारूक रजिअल्लाहो तआला अन्हो दुआ किया करते थे-"या अल्लाह मुझे शहादत की मौत नसीब फ़रमा ओर मेरी मौत तेरे हबीब सल्लहो अलैही व सल्लम के शहर में लिख दे"
सही बुखारी

Friday, March 22, 2019

हर बीमारी का इलाज है

हुज़ूर सल्लाहोअलैहि व सल्लम ने फरमाया -"अल्लाह ने जमीन पर कोई ऐसी बीमारी नही उतारी है जिसकी दवा नही उतारी हो"

सही बुखारी

रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम की रात की नमाज

हज़रत अम्मा आइशा रजिल्लाहो तआला अन्हो बयान करती है-कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम रात में 11 रकाअत नमाज़ पड़ते और यही आपकी रात की नमाज़ होती और आप( इन नमाज़)में सजदे इतनी देर तक करते कि तुम ,आप सल्लहो अलैही व सल्लम के सर उठाने से पहले 50 आयते पड़ लो ,फिर आप सल्लहो अलैही व सल्लम फ़ज़र की 2 सुन्नत पड़ते ओर आकर सीधी करवट लेट जाते यहाँ तक कि मुअज्जन आपको जमाते फज्र के लिए बुलाने आता सही बुखारी

Wednesday, March 6, 2019

हुस्ने मुस्तुफा

हज़रत जाबिर बिन सुमेरः रजिल्लाहो तआला अन्हो फरमाते है-"एक रात चाँद पूरे जोबन (खूबसूरती )पर था ओर इधर हुज़ूर सल्लहो अलैही व सल्लम भी तशरीफ फ़रमा थे उस वक़्त आप सल्लहो अलैही व सल्लम सुर्ख(लाल) धारीदार चादर में मलबुस(पहने हुए) थे उस वक़्त में कभी आप सल्लहो अलैही व सल्लम के हुस्न जमाल पर नज़र डालता तो कभी चमकते चाँद पर पस(आखिरकार) मेरे नजदीक हुज़ूर सल्लहो अलैही व सल्लम चाँद से कई ज्यादा हसीं लग रहे थे
(तिर्मिंजी शरीफ)

Sunday, February 3, 2019

दींन बहुत आसान है

हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया-"दीन बहुत आसान है ओर जो शक्श दीन में सख्ती करेगा वो उस पर ग़ालिब आ जायेगा पस  तुम लोग मियानारवी (बीच का रास्ता)इख्तियार करो और एतेदाल से करीब रहो और खुश हो जाओ (की तुम्हे ऐसा दींन मिलने पर) और सुबह औऱ दोपहर के बाद ओर रात में इबादत करके दीनी कुव्वत हासिल करो
(सही बुखारी:38)

गुनाहों का कफ्फारा

हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि  रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया :   जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें  जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...