हज़रत अम्मा आइशा रजिअल्लाहो तआला अन्हा रिवायत करती है कि "अल्लाह ने जब नमाज़ फ़र्ज़ की तो हज़र(मुक़ीम) ओर सफर में दो दो रकाअत फ़र्ज़ की ,फिर सफर की नमाज़ दो दो रकअत अपनी जगह रही हज़र कि नमाज़ बड़ा दी गई"
सही बुखारी:किताबुसलाह
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
-
हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
-
हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
No comments:
Post a Comment