हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत की दरवाज़े खोल दिये जाते है ,दोजख के दरवाजे बंद कर दिए जाते है और एक मुनादी आवाज़ देता है-"ऐ नेकी के तालिब मुतवज़्ज़ो हो जाओ नेकी की तरफ और ऐ बुराई का इरादा रखने वाले बाज़ रह बुराई से ,और अल्लाह आज़ाद करता है बहुत से लोगो को दोजख से ओर ऐसा हर रात को होता है
(तिर्मिंजी ,इब्ने माज़ा, मिश्कात)
Monday, May 6, 2019
रमज़ान की पहली रात
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गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
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हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
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हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
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