Monday, May 6, 2019

रमज़ान की पहली रात

हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत की दरवाज़े खोल दिये जाते है ,दोजख के दरवाजे बंद कर दिए जाते है और एक मुनादी आवाज़ देता है-"ऐ नेकी के तालिब मुतवज़्ज़ो हो जाओ नेकी की तरफ और ऐ बुराई का इरादा रखने वाले बाज़ रह बुराई से ,और अल्लाह आज़ाद करता है बहुत से लोगो को दोजख से ओर ऐसा हर रात को होता है
(तिर्मिंजी ,इब्ने माज़ा, मिश्कात)

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