हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने इरशाद फरमाया-"जिस किसी ने रमज़ान का रोज़ा अकीदत व ईमान के साथ हुसूल सवाब के लिए रखा उसके पिछले गुनाह मुआफ़ कर दिए जाएंगे
ओर जो कोई खड़ा हुआ (क़याम)अकीदत ओर ईमान के साथ उसके साबिका गुनाह बक्श दिए जाएंगे
(बुखारी ,मुस्लिम ,मिश्कात)
Monday, May 6, 2019
रोजेदार की मग़फ़िरत
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गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
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हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
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हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
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