Monday, May 6, 2019

रोजेदार की मग़फ़िरत

हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने इरशाद फरमाया-"जिस किसी ने रमज़ान का रोज़ा अकीदत व ईमान के साथ हुसूल सवाब  के लिए रखा उसके पिछले गुनाह मुआफ़ कर दिए जाएंगे
           ओर  जो कोई खड़ा हुआ (क़याम)अकीदत ओर ईमान के साथ  उसके साबिका गुनाह बक्श दिए जाएंगे
(बुखारी ,मुस्लिम ,मिश्कात)

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