हज़रत इब्ने अब्बास रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि -"जब रमज़ान का महीना आता तो हुज़ूर सल्लाहो अलैहि व सल्लम कैदी को छोड़ देते और हर मांगने वाले को अता करते
(बेहकी, मिश्कात)
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
-
हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
-
हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
No comments:
Post a Comment