हज़रत जाबिर बिन सुमेरः रजिल्लाहो तआला अन्हो फरमाते है-"एक रात चाँद पूरे जोबन (खूबसूरती )पर था ओर इधर हुज़ूर सल्लहो अलैही व सल्लम भी तशरीफ फ़रमा थे उस वक़्त आप सल्लहो अलैही व सल्लम सुर्ख(लाल) धारीदार चादर में मलबुस(पहने हुए) थे उस वक़्त में कभी आप सल्लहो अलैही व सल्लम के हुस्न जमाल पर नज़र डालता तो कभी चमकते चाँद पर पस(आखिरकार) मेरे नजदीक हुज़ूर सल्लहो अलैही व सल्लम चाँद से कई ज्यादा हसीं लग रहे थे
(तिर्मिंजी शरीफ)
Wednesday, March 6, 2019
हुस्ने मुस्तुफा
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गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
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हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
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हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
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