Saturday, March 23, 2019

फारूक ए आजम की दुआ

हज़रत उमर फारूक रजिअल्लाहो तआला अन्हो दुआ किया करते थे-"या अल्लाह मुझे शहादत की मौत नसीब फ़रमा ओर मेरी मौत तेरे हबीब सल्लहो अलैही व सल्लम के शहर में लिख दे"
सही बुखारी

No comments:

Post a Comment

गुनाहों का कफ्फारा

हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि  रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया :   जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें  जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...