Sunday, February 3, 2019

दींन बहुत आसान है

हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया-"दीन बहुत आसान है ओर जो शक्श दीन में सख्ती करेगा वो उस पर ग़ालिब आ जायेगा पस  तुम लोग मियानारवी (बीच का रास्ता)इख्तियार करो और एतेदाल से करीब रहो और खुश हो जाओ (की तुम्हे ऐसा दींन मिलने पर) और सुबह औऱ दोपहर के बाद ओर रात में इबादत करके दीनी कुव्वत हासिल करो
(सही बुखारी:38)

रमजान के रोजे

रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"जो शक्श रमजान में ईमान ओर सवाब का काम समझ कर रोज़ रखे उसके अगले गुनाह बख्श दिए जाएंगे"
(सही बुखारी:37)

शबे कद्र

रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"कोई ईमानदार हो कर ,सवाब जान कर शबे कद्र में कयाम करे तो उसके अगले गुनाह बक्श दिए जाएंगे"
(सही बुखारी:34)

Sunday, January 6, 2019

अल्लाह की राह में खर्च करना

हज़रत साद बिन अबी वक़्क़ास رضی اللہ عنہ से रिवायत है कि रसुल्लाह ﷺ ने फरमाया-" अल्लाह तआला की रिज़ा मंदी कि खातिर जो कुछ भी तू खर्च करेगा उस का तुझे अज़र मिलेगा हत्ता की अपनी बीवी के मुह में लुकमा डालना भी बाइसे अज़र है"

Wednesday, January 2, 2019

मुनाफ़िक़

अब्दुल्लाह बिन उमर रजिल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"चार बाते जिस में होगी वो खलिश मुनाफ़िक़ है और जिस में चार बातो में से एक बात हो उस मे वो बात निफ़ाक़ की है तब तक के उसको छोड़ न दे
1 .जब अमीन बनाया जाए तो खयानत करे
2. जब बात करे तो झूट बोले
3. जब अहद (वादा)तो उसके खिलाफ करे
4. लड़े तो बेहूदगी करे
(सही बुखारी:33)

Tuesday, January 1, 2019

फैजाने रमज़ान


हज़रत अबू हुरैरा رضی اللہ عنہ से मरवी है कि रसुल्लाह ﷺ ने इरशाद फरमाया जिस ने ईमान और सवाब की नीयत से रमज़ान का क़याम किया उस के पिछले सारे गुनाह माफ् कर दिए जायेगे

सही बुखारी :30

Monday, December 31, 2018

गुलामो का हक़

एक ताबई कहते है कि मैने सहाबी ए रसूल हज़रत अबु ज़र से मक़ामे रब्ज़ा में मुलाकात की (तो देखा)उन के जिस्म पर जिस किस्म का तहबन्द और चादर था उस किस्म का चादर और तहबन्द  उन के गुलाम के जिस्म पर था मैंने अबु ज़र रजिल्लाहो तआला अन्हो से इसका सबब पूछा तो आप ने फरमाया -  ( एक बार)मैने एक शख्स (जो मेरी गुलामी में था)को अपशब्द कहे यानी उस को माँ से गैरत दिलाई थी ये खबर नबी सल्लहो अलैही व सल्लम को पहुची तो आप सल्लहो अलैही व सल्लम ने मुझ से कहा -"अबु जर  क्या तुम ने उससे उस की माँ की गैरत दिलाई है तुम ऐसे आदमी हो कि तुम में अभी जहालत( के असरात) बाकी है तुम्हारे गुलाम तुम्हारे भाई है उन को अल्लाह ने तुम्हारे कब्जे में दिया है  जिस शख्स का भाई उस के कब्जे में हो उस को चाहिए कि जो खुद खाये उस को भी खिलाये और जो खुद पहने उस को भी पहनाये और अपने गुलामो से उस काम का न कहो जो उन पर शाक (मसक्कत में डालने वाला काम)हो और अगर ऐसे काम की उन को तकलीफ दो तो खुद भी उन की मदद करो
(सही बुखारी:30)

शोहर की नाशुक्री

हज़रत इब्ने अब्बास रजिअल्लाहो तआला अन्हो से मरवी है नबी करीम सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"(एक मर्तबा) मुझे दोजख दिखाई गई तो मेने उस मे ज्यातर औरतो को पाया, वजह ये के वो कुफ्र करती है । अर्ज किया या रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम क्या अल्लाह का कुफ्र करती है ?तो आप ने फरमाया -"शोहर का कुफ्र करती है और एहसान नही मानती (ऐ शक्स )अगर तू किसी औरत के साथ एक जमाना दराज़ तक एहसान करता रह, बाद उसके कोई खिलाफ बात उसके देखे तो फौरन कह देगी -मैंने तुझ से कभी आराम नही पाया
(सही बुखारी:28)

अफज़ल अमल

हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम से पूछा गया कौन सा अमल अफ़ज़ल है तो आप सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया - अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाना ,कहा गया कि फिर कोन सा आप सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया अल्लाह की राह में जेहाद करना ,कहा गया कि उसके बाद कोन सा आप सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया  हज़्ज़ ए मबरुरा (मकबूल हज)
(सही बुखारी:25)

Sunday, December 30, 2018

शाने हज़रत उमर फारुख

हज़रत अबु सईद खुदरी रजिअल्लाहो तआला रिवायत करते है रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने इरशाद फरमाया-"की मै सोने की हालत में था कि मैने ये ख्वाब देखा  लोग मेरे सामने पेश किए जाते है और उन के बदन पर कमीज़ है बाज़ की कमीज़ तो सिर्फ पिस्तानो तक ही है और बाज़ उन से नीचे है और उमर बिन  ख़त्ताब भी मेरे सामने पेश किए गए और उन के बदन पर जो कमीज़ है वो उस को खीचते हुए जाते है " सहाबा ने अर्ज़ की या रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम आप ने इस कि क्या ताबीर ली ,आप सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"इस कि ताबीर दींन है"
(सही बुखारी:22)

ईमान वाले जहन्नुम से निकाल लिए जाएगे

हज़रत अंनस रजी अल्लाहो तआला अनहो से रिवायत है की रसूललाह सल्लाहो तआला अलेही व सल्लम ने फरमाया-"जब जन्नत वाले जन्नत मे और दोज़ख वाले दोज़ख मे दाखिल हो जाएगे उस के बाद अल्लाह तआला फरिश्तों से फरमाएगा -जिस के दिल मे राई के बराबर भी ईमान हो उस को जहन्नुम से निकाल लो , पस वो जहन्नुम से निकाल लिए जाएगे और वो जल कर स्याह काले हो चुके होगे, फिर वो नहरे हया या नहरे हयात मे डाल दिये जाएगे तब वो तरो ताज़ा हो जाएगे जिस तरह दाना (तरो ताज़गी ) के साथ पानी के साथ उगता है, ए (शक्स ) क्या तूने नहीं देखा के दाना केसा सब्ज ज़र्दी के माइल निकलता है
(सही बुखारी:21)

गुनाहों का कफ्फारा

हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि  रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया :   जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें  जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...