अब्दुल्लाह बिन उमर रजिल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"चार बाते जिस में होगी वो खलिश मुनाफ़िक़ है और जिस में चार बातो में से एक बात हो उस मे वो बात निफ़ाक़ की है तब तक के उसको छोड़ न दे
1 .जब अमीन बनाया जाए तो खयानत करे
2. जब बात करे तो झूट बोले
3. जब अहद (वादा)तो उसके खिलाफ करे
4. लड़े तो बेहूदगी करे
(सही बुखारी:33)
Wednesday, January 2, 2019
मुनाफ़िक़
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गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
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हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
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हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
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