Sunday, February 3, 2019

रमजान के रोजे

रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"जो शक्श रमजान में ईमान ओर सवाब का काम समझ कर रोज़ रखे उसके अगले गुनाह बख्श दिए जाएंगे"
(सही बुखारी:37)

No comments:

Post a Comment

गुनाहों का कफ्फारा

हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि  रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया :   जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें  जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...