एक बार हुज़ूर सल्लाहो अलैहि व सल्लम हम लोगो के बीच बेठ कर बाते कर रहे थे, कि एक अराबी आया और आप सल्लाहो अलैहे व सल्लम से सवाल किया -"कयामत कब आएगी?" आप सल्लहो अहले व सल्लम अपनी बात में मसरूफ रहे ,हम में कुछ ने ये कहा कि हुज़ूर सल्लहो अहले व सल्लम ने उसकी बात सुनी लेकिन पसंद नही फरमाई और कुछ ने कहा कि आप सल्लहो अलैह व सल्लम ने उसकी बात सुनी ही नही ,जब आप सल्लहो अलैहि व सल्लम अपनी बात खत्म कर चुके तो फरमाया -"कहा है वो कयामत का सवाल करने वाला?" उस देहाती ने कहा -"हाज़िर हु या रसुल्लाह सल्लहो अलैहि व सल्लम" आप सल्लहो अलैह वसल्लम ने फरमाया-" जब अमानत(ईमानदारी) उठ जाए तो कयामत आने का इंतज़ार करो" ! उस ने कहा -"अमानत उठने का क्या मतलब है" आप सल्लहो अलैह व सल्लम ने फरमाया -"जब (हुकूमत के कारोबार) न लायक लोगो को सौप दिए जाएं तो कयामत का इंतेज़ार करो!
(सही बुखारी :किताबुल इल्म:58)
Sunday, September 1, 2019
कयामत कब आएगी
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गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
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