हज़रत इब्ने अब्बास रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि आप अपनी दाढ़ी को जर्द (लाल) रंग से रंगा करते थे यहाँ तक के आपके कपडे भी जर्द हो जाते थे ,किसी ने आप से पूछा आप ये क्यों करते है तो आप ने फरमाया -"मेने आप सल्लहो अलैह व सल्लम को ये करते देखा है,आपको ये रंग बहुत पसंद था हत्ता के आप अपने कपड़े और अपना इमामा(पगड़ी) भी रंग लिया करते थे
(Ref-: मिश्कात :4479)
Wednesday, September 18, 2019
दाड़ी को रंगना
Sunday, September 1, 2019
बरकतें ए नबी सल्लाहो अलैहि व सल्लम
हज़रत अनस से रिवायत है कि रसूलल्लाह सल्लहो अलैहि व सल्लम जब सुबह की नमाज़ पड़ लेते तो मदीने के खादिम बर्तन ले आते , जिसमे पानी होता था, वो जो भी बर्तन लाते आप सल्लहो अल्हे व सल्लम अपना दस्ते मुबारक (हाथ) उसमे डुबो देते थे, बसा औकात(कभी कभी)तो वो मौसम ए सरमा( सर्दी का मौसम)में आपके पास आ जाते आप अपना हाथ उसमे डुबो देते
नोट-दूसरी हदीस से पता चलता है कि असहाब हुज़ूर के हाथ लगाए पानी से फ़ैज़ उठाते ओर अपने मरीज़ों को पिलाते जिससे वो सेहत याब हो जाते
(मिश्कात :5808)
कयामत कब आएगी
एक बार हुज़ूर सल्लाहो अलैहि व सल्लम हम लोगो के बीच बेठ कर बाते कर रहे थे, कि एक अराबी आया और आप सल्लाहो अलैहे व सल्लम से सवाल किया -"कयामत कब आएगी?" आप सल्लहो अहले व सल्लम अपनी बात में मसरूफ रहे ,हम में कुछ ने ये कहा कि हुज़ूर सल्लहो अहले व सल्लम ने उसकी बात सुनी लेकिन पसंद नही फरमाई और कुछ ने कहा कि आप सल्लहो अलैह व सल्लम ने उसकी बात सुनी ही नही ,जब आप सल्लहो अलैहि व सल्लम अपनी बात खत्म कर चुके तो फरमाया -"कहा है वो कयामत का सवाल करने वाला?" उस देहाती ने कहा -"हाज़िर हु या रसुल्लाह सल्लहो अलैहि व सल्लम" आप सल्लहो अलैह वसल्लम ने फरमाया-" जब अमानत(ईमानदारी) उठ जाए तो कयामत आने का इंतज़ार करो" ! उस ने कहा -"अमानत उठने का क्या मतलब है" आप सल्लहो अलैह व सल्लम ने फरमाया -"जब (हुकूमत के कारोबार) न लायक लोगो को सौप दिए जाएं तो कयामत का इंतेज़ार करो!
(सही बुखारी :किताबुल इल्म:58)
गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
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हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
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हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...