Sunday, July 21, 2019

किफायती सूरते

हजरत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रजि अल्लाह ताला अनहो रिवायत करते हैं के एक रात में भारी बारिश में हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तलाश में निकला तो मैंने हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को पा लिया आप सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने फरमाया कहो तो मैंने कहा मैं क्या कहूं तो आप सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने फरमाया तुम सुबह शाम सूरह इखलास सूरह नास और सूरह फलक की तिलावत कर लिया करो यह तुम्हें काफी हो जाएगी
(मिश्कात)

Thursday, July 11, 2019

कब्र का अजाब

हजरत आयशा रजि अल्लाह ताला अन्हा फरमातीहै कि एक बार मेरे पास एक यहूदी  औरत आई और मुझसे खुशबू मांगने लगी मैंने उसे खुशबू दे दी उसके बाद उसने मुझे दुआ दी कि अल्लाह तुझे कब्र के आजाब से बचाए यह सुनकर मेरे दिल में शक जारी हुआ जब रसूलल्लाह सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम मेरे पास तशरीफ लाए तो मैंने आपसे पूछा या रसूल अल्लाह सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम क्या कबर काअजाब होता है आपने फरमाया हां और उसे हर चौपाए सुनते हैं
सही मुस्लिम

Wednesday, July 10, 2019

औरत का जेहाद

हजरत आयशा रजि अल्लाह तआला अन्हा फरमाती  है कि मैंने एक बार हुजूर सल्लल्लाहो तआला अलेही वसल्लम से पूछा क्या औरत पर जेहाद फर्ज है ,आप सल्लल्लाहो तआला अलेही वसल्लम ने फरमाया -"हां लेकिन उनके जहाज में किताल नहीं ,उनका जेहाद हज और उमरा है
(Miskatul masabeh)

रसूलअल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम को पसंद लेकिन

हज़रते आइशा राजिअल्लाहो तआला फरमाती है -अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) कई एक  चीज को  छोड़ दिया करते थे हालांकि आपको वो पसंद थी।  सिर्फ इस ख्याल में
की आप को देख कर सहाबा भी ऐसा करने लगते फिर उन पर वो चीज़ फ़र्ज़ हो जाती ! आप सल्लाहो अलैहि व सल्लम में कभी चाशत की नमाज़  नही पड़ी लेकिन मैं पड़ती हु
(सही बुखारी :1128)

Thursday, May 9, 2019

सहरी बरकत है

हुज़ूर सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया-"सहरी खाओ की सहरी खाने में बरकत है"
(बुख़ारी:1804)

असल रोज़ा

फरमाया आप सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने -"जिस ने झूट बोलना ओर उस पर अमल करना तर्क नही किया तो अल्लाह (के लिए )उसे खाना पीना छोड़ देने की कोई जरूरत नही
(बुख़ारी:1785)

रोज़ेदार की मुँह की बू

हुज़ूर सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया-"कसम है उस जात की जिसके कब्ज़े में मेरी जान है रोज़े दार के मुँह की बू अल्लाह के नज़दीक मुश्क की खुश्बू से बेहतर है
(बुख़ारी)

Wednesday, May 8, 2019

अफ़ज़ल औरत

हुज़ूर सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"इस जमाने की औरतों में सब से अफ़ज़ल औरत खतीजा हैं और पिछले जमानो में अफ़ज़ल औरत मरियम बिन्ते इमरान है
(तिर्मिंजी)

जन्नती औरतो की सरदार

फरमाने मुस्तुफा सल्लाहो अलैहि व सल्लम है -" फ़ातिमा तमाम जहानों की औरतों ओर सब जन्नती औरतो की सरदार है
(सही बुख़ारी)

तेरी खुशी खुदा को अजीज

रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने हज़रत सैय्यदा फातिमा सलामुल्लाह अलैहा से फरमाया -"तुम्हारे गज़ब से गजबे इलाही होता है और तुम्हारी रिज़ा से रिज़ाये इलाही "

Monday, May 6, 2019

रोजेदारों के लिए अलग दरवाज़ा

हज़रत सईद बिन साद रजिल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि  व सल्लम ने फरमाया -"जन्नत के आठ दरवाजे है उसमें से एक का नाम रय्यान है उस दरवाजे में से सिर्फ रोज़ा रखने वाले दाखिल होंगे
(बुख़ारी , मुस्लिम,मिश्कात)

गुनाहों का कफ्फारा

हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि  रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया :   जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें  जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...