हजरत आयशा रजि अल्लाह तआला अन्हा फरमाती है कि मैंने एक बार हुजूर सल्लल्लाहो तआला अलेही वसल्लम से पूछा क्या औरत पर जेहाद फर्ज है ,आप सल्लल्लाहो तआला अलेही वसल्लम ने फरमाया -"हां लेकिन उनके जहाज में किताल नहीं ,उनका जेहाद हज और उमरा है
(Miskatul masabeh)
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गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
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हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
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हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
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