Thursday, April 2, 2020

वित्र की नमाज़

हज़रत इब्ने उमर रजि अल्लाहो तल्लाह अन्हो रिवायत करते है कि हुज़ूर सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया- "वित्र को अपनी आखरी नमाज़ बनाओ"

No comments:

Post a Comment

गुनाहों का कफ्फारा

हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि  रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया :   जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें  जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...