हज़रत अबू हुरैरा रजिअल्लहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया "उस जात की कसम जिस के कब्ज ए कुदरत मे मुहम्मद( सल्लाहो अलैहि व सल्लम)की जान है इस उम्मत में से जो शक्स को भी ख्वा वो यहूदी हो या नसरानी हो मेरी खबर सुने और खुदा का पैगाम जो में लाया हूं उस पर ईमान न लाये ओर मर जाये वो यकीनन दोजखी है"
(मुस्लिम)
Friday, December 28, 2018
इस्लाम ही राहे निजात है
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गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
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हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
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हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
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