Friday, December 28, 2018

इस्लाम ही राहे निजात है

हज़रत अबू हुरैरा रजिअल्लहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया "उस जात की कसम जिस के कब्ज ए कुदरत मे मुहम्मद( सल्लाहो अलैहि व सल्लम)की जान है इस उम्मत में से जो शक्स को भी ख्वा वो यहूदी हो या नसरानी हो मेरी खबर सुने और खुदा का पैगाम जो में लाया हूं उस पर ईमान न लाये ओर मर जाये वो यकीनन दोजखी है"
(मुस्लिम)

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