हज़रत आईश रजिअल्लाहो तआला अन्हा कहती है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम लोगो को ऐसे आमाल का ही हुक्म देते थे जो वो हमेशा कर सके (आसान आमाल)सहाबा ने अर्ज किया- "या रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम हम आप ( सल्लाहो अलैहि व सल्लम) की मिसल नही है बे शक अल्लाह ने आप के आगे और पीछे के गुनाह माफ् कर दिए है " इस पर आप सल्लाहो अलैहि व सल्लम गजब नाक हुए हत्ता की आप सल्लाहो अलैहि व सल्लम के चेहरे मुबारक से गुस्सा जाहिर होने लगा फिर आप सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"तुम में सब से ज्यादा अल्लाह को जानने वाला मै हु"
(सही बुखारी:19)
Sunday, December 30, 2018
सब से ज्यादा अल्लाह को जानने वाले
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गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
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हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
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हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
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