हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो रिवायत करते है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैही व सल्लम ने फरमाया-" ईमान की 70 से ज्यादा शाखे है इन सब मे सब से बेहतर इस बात का इकरार करना है कि खुदा के सिवा कोई माबूद नही और सब से कम दर्जे का ईमान किसी तकलीफ देह चीज़ को रास्ते से दूर करना है और शर्म -हाय भी ईमान की एक शाख है"
(बुखारी व मुस्लिम)
Friday, December 28, 2018
ईमान की शाख
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
गुनाहों का कफ्फारा
हज़रत अबू-हुरैरा (रज़ि०) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब बड़े गुनाहों से बचा जाए तो पाँच नमाज़ें जुमा दूसरे जुमा तक और रमज़ान द...
-
हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लहो अलैही व सल्लम ने फरमाया -"मेरी उम्मत कयामत के दिन बुलाई जाएगी, उन...
-
हज़रत अबु हुरैरा रजि अल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैहि व सल्लम ने फरमाया -"जब रमज़ान की पहली रात आती है तो जन्नत ...
No comments:
Post a Comment