Friday, December 28, 2018

ईमान की शाख

हज़रत अबु हुरैरा रजिअल्लाहो तआला अन्हो रिवायत करते है कि रसुल्लाह सल्लाहो अलैही  व सल्लम ने फरमाया-" ईमान की 70 से ज्यादा शाखे है इन सब मे सब से बेहतर इस बात का इकरार करना है कि खुदा के सिवा कोई माबूद नही और सब से कम दर्जे का ईमान किसी तकलीफ देह चीज़ को रास्ते से दूर करना है और शर्म -हाय भी ईमान की एक शाख है"
(बुखारी व मुस्लिम)

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